Chief patrons are those officers who protect the membership, with whose cooperation and support the organization is strengthened and moves rapidly in its direction. Patron membership gives you the right to vote and consent at your discretion from the main stream of the organization. Its membership gives you the opportunity to participate in all the schemes related to contribution. To become a lifelong official member by joining the organization Shramik Foundation, an annual fee ranging from 25000 / - to 100000 / - will have to be paid, which will bring many benefits, which will also benefit in income tax exemption under Act 80G in the form of donation. Membership is the basic power of the organization, in which lakhs of crores of members will join as the officers of the organization, who are dedicated to the rights of the workers through the organization. The main official membership includes the Shramik Foundation for "women, dalits, minorities, economically weaker, ST/SC, orphans as well as social, educational and cultural development" by various levels of programs for workers as milestones. Backbone will be formed. With this membership, there will be an opportunity to get benefits and respect by attending at least two to three important programs as a guest within the annual membership.
मुख्य संरक्षक सदस्यता संरक्षण करनेवाला वो अधिकारी होते हैं जिनके सहयोग एवं साथ से संगठन मजबूत होता है और अपने दिशा में तेजी से आगे बढ़ता है । संरक्षक सदस्यता आपको संगठन की मुख्य धारा से आपकी सूझ बुझ से सहमति और मत देने का अधिकार देती है । इसकी सदस्यता आपको अंशदान से जुड़ी सभी योजनाओं मे शामिल होने का अवसर देती है । संस्था श्रमिक फाउंडेशन के साथ जुड़कर आजीवन आधिकारिक सदस्य बनने के लिए वार्षिक 25000/- से 100000/- तक शुल्क अदा करने होंगे जिससे कई फायदे होंगे जो दान के रूप में ऐक्ट 80G के तहत आयकर छूट मे भी लाभान्वित होगा । सदस्यता ही संगठन की मूल शक्ति है जिसमे लाखों करोड़ों सदस्य जुड़कर संस्था के अधिकारियों के रूप रहेंगे जो संस्था के माध्यम से मजदूरों के हक के लिए समर्पित हैं । मुख्य आधिकारिक सदस्यता में श्रमिक फाउंडेशन "महिलाओं, दलितों, अल्पसंख्यकों, आर्थिक रूप से कमजोर, एसटी / एससी, अनाथों के साथ-साथ सामाजिक, शिक्षा और सांस्कृतिक विकास के लिए" विभिन्न स्तर के कार्यक्रमों से श्रमिकों के लिए मिल का पत्थर साबित होकर इनकी रीढ़ की हड्डी बनेंगे । इस सदस्यता से वार्षिक सदस्यता के भीतर कम से कम दो से तीन महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में अतिथि के रूप में शामिल होकर लाभ एवं सम्मान पाने का अवसर प्राप्त होगा ।